गेमिंग का ग्राफिक कैसे सही करे | बेस्ट ग्राफिक ट्रिक एंड टिप्स

गेमिंग का ग्राफिक कैसे सही करे

आज का हमारा टॉपिक है गेमिंग का ग्राफिक्स कैसे सुधारें? आज सभी गेम खेलना पसंद करते है चाहे वो आपका मोबाइल हो या आपका कंप्यूटर उसमे आपको कोई कोई गेम इन्स्टॉलेंड तो मिलता ही है। जैसे लोगो की गेमिंग में रूचि बढ़ी है उसके साथ ही गेम्स बनाने वालो की कमाई भी बढ़ गयी है। क्योकि अगर आपका गेम लोगो को पसंद आता है तो वो आपके गेम को डाउनलोड करते है। अपने स्कोर या एकेडेमिक्स सोशल मीडिया पर शेयर करते है। तो इससे आपकी मार्केटिंग भी हो जाती है ओर आपका गेम लोगो को पसंद भी जाता है।

अगर आप भी गेम बनाते है पर आपको इतने उपयोगकर्ता नहीं मिल रहे हो जो आपके गेम को पसंद करके इसके लिए आपको अपने गेम को आकर्षक करने की जरुरत है। ये काम आप कर सकते है अपने गेम के ग्राफ़िक्स को सुधार कर। क्योकि अगर आप अपने गेम में अच्छे ग्राफ़िक्स नहीं इस्तेमाल करोगे तो आपके गेम का लुक उपयोगकर्ता को पसंद ही नहीं आएगा। चाहे आपका गेम कितना भी अच्छा क्यों ना हो आपको उपयोगकर्ता कम ही मिलेंगे। पर आप भी अपने गेम के ग्राफ़िक्स को सुधार सकते है।


इसके लिए आपको कुछ नीतियों का पालन करना होगा। क्योंकि गेम ग्राफिक्स को डिज़ाइन करने के लिए कुछ सिद्धांत होते है जिनका आपको पालन करना होता है। इससे आपका गेम भी बेटर लगता है हुए उपयोगकर्ता को कासी ज्यादा पसंद भी आएगा। इससे आपके गेम के डाउनलोड बढ़ जायेंगे और आपका प्रॉफिट भी इससे काफी ज्यादा होगा बस आपको अपने गेम को डिज़ाइन उपयोगकर्ता के हिसाब से करना चाहिए। तो चलिए जानते है ऐसे तरीके जिन्हे इस्तेमाल करके गेमिंग का ग्राफ़िक्स कैसे सुधारे।

गेमिंग का ग्राफिक्स कैसे सुधारे

1. मजबूत संरचना पर ध्यान केंद्रित करे ->> इसके लिए आपको अपने गेम में जो भी तत्वों का इस्तेमाल करना है। उसे आपको दूसरे तत्वों से अच्छे से जोड़ना होगा। इसके लिए कुछ मुख्य सिद्धांत होते है जिन्हे आपको अपने ध्यान में रखना होता है।
स्केल और अनुपात
पुनरावत्ति और इसके विपरीत
संतुलन
जोर
अनुक्रमांक
सामंजस्य
एकता
आपको इन सभी को अच्छे से समंझने की जरूरत होगी तभी आप अपने गेम के लिए अच्छे से ग्राफ़िक्स को बना सकते हो। क्योकि ये सिद्धांत आपके सृष्टि को विश्लेषण करेंगे ओर आपके गेम के ग्राफ़िक्स को सुधारने में मदद करेंगे।


2. स्पष्ट लेआउट रखे ->> आपके अपने डिज़ाइन का लेआउट स्पष्ट रखना होगा। आपको अपने उद्देश्य के बीच में स्पेस और अनुपात को बैलेंस करके चलना होगा। अगर आपके लेआउट में जो जो भी तत्व इस्तेमाल किया गया है उन्हें ऐसे फिक्स करना होगा जिसे देखते ही सब कुछ समँझ जाये। इसमें आपको लाइटिंग ओर कलर का बैलेंस बना के चलना होगा सभी तत्व जो आप गेम में इस्तेमाल करोगे सब को लेआउट से स्पष्ट डिज़ाइन देना होगा।

आप जो भी पथ क्रिएट करेंगे उपयोगकर्ता के लिए पुरे गेम में उसके लिए स्पष्ट होना चाहिए। गेम खेलते हुए खिलाडी को समझ आना चाहिए की आगे उसे क्या करना है। जिससे आपके गेम में विसुसालित्य बानी रहेगी। आप जो भी तत्व आपके गेम में इस्तेमाल करोगे उसे कलर चमक सभी बातों का ध्यान रखना होगा। आपको अपने गेम के रंग बिरंगा लक्ष्य को चुना जिससे आपके गेम में आकर्षण आएगी। ओर उपयोगकर्ता को गेम का जो इंटरफ़ेस मिलेगा इससे ही वो आपके गेम से प्रभावित होंगे।


आपको अपने गेम के खिलाडी को ध्यान में रख कर डिज़ाइन करना होगा। जिससे उपयोगकर्ता गेम खेलते हुए रियल वर्ल्ड को महसूस करे। आपके गेम की प्रेरणा ऐसी होनी चाहिए जैसे कोई रियल लाइफ में करैक्टर हो। आपका gui उपयोगकर्ता को स्क्रीन के साथ संलग्न रखे। इससे आपके गेम के ग्राफ़िक्स को बढ़ावा मिलेगा ओर आपके गेम को उपयोगकर्ता पसंद करेंगे।

3. गहराई का उपयोग करे ->> ये एक और तरीका है जिससे आप ग्राफिक्स तत्वों के बीच रिश्ता बना सकते है। इसके लिए आपको सही साइज और अनुपात गहराई के साथ इस्तेमाल करना होगा जिससे खिलाडी गेम वर्ल्ड को महसूस कर पाएंगे। गहराई का इस्तेमाल करने पर ये आपके ग्राफिक्स में प्रभाव बढ़ा देगा। इससे आपके अग्रभूमि या पृष्ठभूमि में अंतर होगा इसके लिए आपको  अग्रभूमि या पृष्ठभूमि में लाइटिंग अंतर करना होगा।


4. जीवंत रंग का उपयोग करे ->> कलर्स किसी भी इमेज को प्रभावी बनाने के लिए बेस्ट टूल होते है। आपको अपने गेम में कलर को उज्ज्वल ओर हाई रखने होंगे इससे आपके गेम के दृश्य प्रभाव बढ़ जाएंगे। इसके लिए आपको अच्छे कलर स्कीम का इस्तेमाल करना होगा जैसे उदाहरण के लिए आप अपने गेम में पहाड़ आकाश या नदियों का इस्तेमाल करते हो तो आपको इनके अनुसार ही कलर को चुनना होगा जिससे आपके गेम में ये सभी स्पष्ट नजर आये इनके बीच में जो अंतर होता है वो जाना नहीं चाहिए तो आपके लिए बेस्ट कलर कम्पोजीशन को चुनना होगा।

5. प्रतिक्रिया जरूर ले ->> आपको अपने गेम के लिए खिलाडी से प्रतिक्रिया जरुरी लेनी चाहिए। क्योकि जो लोग आपके गेम को खेल चुके है। उन्हें पता होता है आपके गेम में क्या बदलाव होने चाहिए जिसकी वजह से आपके गेम के ग्राफ़िक्स ओर बेटर हो सकते है। इसके लिए आपको उपयोगकर्ता से प्रतिक्रिया लेनी होगी। खोकी आपके गेम की सभी गलतिया एक खिलाडी से बेहतर कोई नहीं निकल सकता। इसके लिए आपको अपने गेम के लिए रिव्यु को इकट्ठा करना होगा। फिर आपको इन सभी रिव्यु का विश्लेषण करना होगा अब आपको इसमें से वो सभी पॉइंट ओर बदलाव आपके गेम के लिए अप्लाई करके देखने होंगे। इसके बाद आपके लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया आने लगेगी ओर आपके गेम के ग्राफ़िक्स अच्छे हो जायेंगे।


6. A और B परीक्षण ->> ये एक तरह की तकनीक होती है। इसके लिए जब आप अपने गेम को पूरा डिज़ाइन कर लेते है आप इसका एक वर्जन उपयोगकर्ता के लिए उपलब्ध करा देते है। आप उपयोगकर्ता आपके गेम को खेलते है ओर इसके लिए अपनी टेस्टिंग शुरू करते है। फिर आपको अपने गेम की रेटिंग को० उपयोगकर्ता से लेना होगा सभी उपयोगकर्ता अपने अनुभव से आपके गेम को कुछ रेटिंग देंगे ओर आपको कुछ बदलाव सुझान भी करेंगे। ये a टेस्ट होता है। जब आप पहली बार उपयोगकर्ता से बातचीत होती है। अब आपको पता होना चाहिए आपको अपने गेम के लिए b टेस्ट कैसे करना होगा।

आपको इसके लिए उपयोगकर्ता की पहली रेटिंग के बाद अपने गेम में सुधार करना होगा। इसके बाद आपको इस गेम को फिर उपयोगकर्ता के बीच लाना होगा ओर बदलाव क्व बाद की रेटिंग आपको नोट डाउन करनी होगी इससे आपको दोनों टेस्ट के रिजल्ट मिल जायेंगे। अगर आपके गेम की रेटिंग बढ़ गयी है तो अपने सही दिशा में काम किया ओर आपका गेम उपयोगकर्ता को पसंद आएगा। पर अगर आपके गेम की रेटिंग कम है तो आपको सभी गेमिंग सिद्धांत का इस्तेमाल करके अपने गेम के ग्राफ़िक्स को फिर से डिज़ाइन करना होगा जिससे आपका गेम मोह लेने वाला भी लगेगा ओर उपयोगकर्ता को पसंद भी आएगा।



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