बच्चों को कैसे बढ़ावा दे - इन हिंदी

बच्चों को कैसे बढ़ावा दे

प्यार का एक और पहलू यह है कि प्यार कुकर्म से आनंदित नहीं होता, परन्तु सत्य से आनंदित होता है। माता पिता अपने बच्चो को सच्चे से प्यार करने की तालीम कैसे दे सकते है? एक सबसे जरुरी कदम है की उन्हें अपने बच्चो को खुलकर अपनी भावनाएं जाहिर करने को बढ़ावा देना चाहिए। फिर चाहे उनकी बाते कबूल करना उनके लिए मुश्किल क्यों हो। जब बच्चो के विचार और उनकी भावनाएं अच्छे से मेल खाती है, तो जाहिर सी बात है कि इससे माता - पिता को खुशी होगी। मगर कई बार बच्चो के दिल से निकली बाते दिखा सकती है की उनकी जुबान अधर्म की तरफ है। ऐसे में माता पिता को क्या करना चाहिए। तो चलिए जाने बच्चो को बढ़ावा कैसे दे हिंदी में टिप्स।

बच्चों को कैसे बढ़ावा दे

पहले - पहले तो उनका शायद बच्चो को फौरन डाटने का मन करे। लेकिन अगर वो ऐसा करेंगे तो बच्चे आगे से उन्हें सिर्फ वही बाते बतायंगे जो वो सुनना पसंद करते है। माना की जब बच्चे उल्टा जवाब देते है तो उन्हें उसी वक्त सुधारा जाना चाहिए मगर बच्चों को ये सिखाने में की उन्हें कैसे इज्जत के साथ बात करनी चाहिए और उन पर अपनी राये थोपने में उन्हें क्या कहना चाहिए बड़ा फर्क है।


बच्चो को बढ़ावा कैसे दे ->> जैसा की हम सब यह जानते है की आज के बच्चे ही हमारे देश का आने वाला भविस्य है, आज जो बच्चे छोटे-छोटे है वही बच्चे कल बड़े हो जायँगे तब यही बच्चे हमारे देश की पूरी जिम्मेदारी लेंगे और हमारे देश  को संभालेंगे। इसलिए इन बच्चो को सही रास्ते पर लाना और इन बच्चो को बढ़ावा देना बहुत आवश्यक है लेकिन सवाल तो यह है कि हम कैसे अपने बच्चो को सही रास्ते पर ला सकते है और कैसे हम अपने बच्चो को बढ़ावा दे सकते है।

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से लोगो को यह बतांएगे कि हम कैसे अपने बच्चो को बढ़ावा दे सकते है और सही रास्ते पर ला सकते है। भरोसा रखिये इन टिप्स लो पढ़ने बाद आप लोगो को यह अच्छी तरह से समझ मैं जायगा की हम कैसे अपने बच्चो को बढ़ावा दे सकते है और सही रास्ते पर ला सकते है तो चलिए आप लोग इन टिप्स की ध्यान से पढ़िए और अपने बच्चो को सही रास्ते पर लाइये और उनको बढ़ावा दीजिये।


खुलकर बाते करने का बढ़ावा कैसे दे ->> जब हमारे बच्चे परेशान करने वाली बातें कहते है तो हम खुद पर काबू रखते है ताकि बच्चे खुलकर अपने दिल की बात कह दे पता है। हमें अपने घर में ऐसा माहोल बना के रखना चाहिए जिसमे बच्चे खुलकर अपने दिल की बात कह सके। टॉम नाम का एक पिता कहता है हम अपनी बेटी की भावनाएँ जाहिर करने का बढ़ावा देते है उस वक्त भी जब वह हमारे विचारो से सहमत नहीं होती। हमें लगता है की अगर हम उसकी बात बीच में ही काट देंगे पर उस पर अपनी मर्जी थोपने की कोशिश करेंगे तो वह मायूस हो जायगी और फिर शायद अपने दिल की बात दिल में ही रखना सिख जायगी। दुसरी तरफ हमर प्यार है की क्योंकि हम उसकी बातें सुनते है इसलिए वह भी हमारी बात सुनती है इसमें कोई दोराय नहीं है की बच्चो को अपने माता-पिता की आज्ञा माननी चाहिए मगर खुलकर बातचीत करने के जरिये माता पिता अपने बच्चो को उनमे सोचने समझने की काबलियत बढ़ा पाते है।

बच्चो को बढ़ावा देने के कुछ आसान और सरल तरीके ->> कभी भी अपने बच्चो की किसी भी बात को इगनोर करे| कभी-कभी हम अपने जीवन में इतना ज्यादा व्यस्त हो जाते है कि हमारे पास अपने बच्चो की बातो को सुनने के लिए जरा सा भी वक्त नहीं मिलता जो की बिल्कुल भी सही नहीं है ऐसा करने से कभी-कभी हमारे बच्चो के मन में कुछ नकारात्मक और झूठी-सच्ची बाते उपज जाती है और जब हमारे बच्चो के मन मे ऐसी बाते उपजने लगती है तोह उनका मनोबल कमजोर हो जाता है और गलत चीजों की ओर उनका दिमाक केंद्रित होता जाता है। ऐसे में बच्चो को बढ़ावा देना किसी भी माँ बाप के लिए मुमकिन नहीं है।


बार-बार अपने बच्चो की गलतियां निकाले ->> जब हम एक ही बात के लिए अपने बच्चे को बार-बार दोष देते रहते है तो हमारे प्रति बच्चे की सोच काफी नकारात्मक बन जाती है धीरे-धीरे करके हम अपने बच्चो से अपने आप को इतना दूर कर लेते है की तो हमारे बच्चे हमारे साथ अपने कोई प्रॉब्लम डिस्कस करते है और ही हमे अपने बच्चो की प्रॉब्लम को हल करने का मौका मिल पता है। हमारे लिए और हमारे बच्चो के लिए एक दूसरे के करीब रहना बहुत जरुरी होता है। जब हम अपने बच्चो के दिल के करीब ही नहीं रहेंगे तो हमारे बच्चे हमारे साथ अपने किसी भी प्रॉब्लम को शेयर करने से जरुर कतराएंगे।

अगर हमारे बच्चे हमारे साथ अपने प्रॉब्लम को शेयर ही नहीं करेंगे तो कैसे हम अपने बच्चो की प्रॉब्लम को समझ पायंगे और अगर प्रॉब्लम को समझेंगे ही नहीं तो कैसे हैm अपने बच्चो की प्रॉब्लम को हल कर पायंगे। ऐसे में हमारे बच्चो को बढ़ावा देना तो दूर की बात है, हम अपने बच्चो के साथ अपना एक अच्छा और मधुर रिस्ता बनाने में भी सफल नहीं हो पायंगे।

किस बात का यकीन रख सकते है ->> बेशक, बच्चो की परवरिश के सिलसिले में दी सलाह को पूरी तरह से लागु करना, किसी भी माता पिता के लिए मुमकिन नहीं है। मगर फिर भी आप इस बात का यकीन रख सकते है की अगर आप अपने बच्चो को प्यार से तालीम दे साथ ही धीरज धरे और कृपा दिखाए तो वे आपकी मेहनत की दिल से कदर करेंगे ओर तो ओर आपकी हर बात मानने की हर मुमकिन कोशिश करेंगे।

आखिर सभी माता पिता इसलिए ही तो मेहनत करते है क्योंकि वे चाहते है की उनके बच्चे उनसे उतना प्यार करना सीखे जितना की वे खुद करते है। मगर वे इस  बढ़िया लक्ष्य को कैसे हासिल कर सकते है उसके लिए उन्हें आपस में सोच विचार करना चाहिए।

यह भी पढ़ें ->> कैसे रखे अपने विचार

ऊपर दिए गए लेख को पढ़कर आप लोगो को ये अच्छी तरह से समझ मैं गया होगा की हम कैसे अपने बच्चो को बढ़ावा दे सकते है। आप लोगो को अब अपने बच्चो के भविष्य को लेकर ज्यादा टेंसन लेने की जरुरत नहीं है बस आप लोग इन टिप्स को ध्यान से पढ़िए और फॉलो करिये। इन टिप्स को ध्यान से पढ़ने के बाद आप लोग अपने बच्चो के प्रति अपनी जिम्मेदारिओं को अच्छी तरह से पूरा कर पाएंगे और अपने बच्चो को सही तरह से बढ़ावा भी दे पायंगे तो अब आप लोग बस इन टिप्स को ध्यान से पढ़िए और अपने बच्चो को बढ़ावा देकर उनके वर्तमान और भकिष्य को ज्यादा चमका और उज्वल बना लीजिये। धन्यवाद|



0 comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.